जनपद में मनाया गया विश्व मलेरिया दिवस

जनपद में मनाया गया विश्व मलेरिया दिवस

हर पल निगाहें ब्यूरो 
रायबरेलीः विश्व मलेरिया दिवस पर जिला मुख्यालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी), उपकेंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मनाया गया जिसके माध्यम से जनसमुदाय को मच्छर जनित बीमारियों से  बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया।
          मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में भी विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। आयोजित गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नवीन चंद्रा ने बताया कि लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति  जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस साल इस दिवस की थीम है ‘‘मलेरिया को समाप्त करने का संकल्प अब हम कर सकते है, अब हमे करना ही होगा‘‘ इस खास थीम पर विश्व मलेरिया दिवस का आयोजन,मलेरिया जैसी महत्वपूर्ण समस्या के उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण संदेश को समुदाय के साथ साझा करते हुए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में समुदाय को सजग करते हुए मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में समुदाय की भागीदारी को बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक प्रदेश को मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराया जाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि विश्व मलेरिया दिवस के आयोजन में जनपद में अन्य विभागो के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मलेरिया रोग उन्मूलन हेतु आवश्यक प्रचार प्रसार तथा संवेदीकरण की गतिविधियां जनपद स्तर, ब्लॉक स्तर तथा परिधिगत क्षेत्रों में संपादित करते हुए समुदाय को जागरूक किए जाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है, जिसके फलस्वरूप मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में दृणसंकल्प के साथ मलेरिया मुक्त प्रदेश बनाने में अपेक्षित सहयोग कर सके। मलेरिया रोग मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा संचालित रोग है, जिसके मुख्य लक्षण है- बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी आना आदि है। इसके जांच, उपचार की सुविधा सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है।
          जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव द्वारा बताया गया कि  मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी है कि घर के आस पास साफ सफाई, मच्छर पनपने वाले स्थानों पर पानी इकट्ठा न होने दें, रुके पानी में जला हुआ मोबिल डाले, कूलर, टायर, टूटे बर्तनों, , गमलों के पानी को बदलते रहें। पूरे आस्तीन का कपड़े पहने, सोते समय  मच्छर दानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर स्वयं कोई इलाज न करें। स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और इलाज कराएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया बीमारी से बचाव के लिए व्यक्तिगत/पर्यावरणीय साफ सफाई के प्रयासों के साथ साथ जन भागीदारी जरूरी है।
          इस अवसर पर समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित समस्त मलेरिया/फाइलेरिया विभाग के कार्मिक उपस्थित रहे।

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