महंगाई की आग में जनता को झोंक रही डबल इंजन सरकार, रसोई गैस पर 29 रुपये की बढ़ोतरी जनविरोधी फैसला – सुरेश सिंह
हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेली-रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं सदर विधान सभा के प्रभारी सुरेश सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लगातार आम जनता की जेब पर डाका डालने का काम कर रही है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी और मध्यम वर्गीय परिवारों पर यह नया आर्थिक बोझ पूरी तरह जनविरोधी और असंवेदनशील निर्णय है। श्री सिंह ने कहा कि आखिर सरकार यह बताए कि हर बार महंगाई का बोझ केवल आम जनता पर ही क्यों डाला जाता है? रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल, खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं तक के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार के पास जनता को राहत देने का कोई ठोस रोडमैप दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व यदि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, सोना-चांदी अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में नाममात्र की भी वृद्धि होती थी, तो भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करते थे। तत्कालीन सरकार को घेरते हुए ऐसा माहौल बनाया जाता था मानो महंगाई ने उनके घरों के चूल्हे ठंडे कर दिए हों। श्री सिंह ने सवाल उठाया कि आज जब पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में एकमुश्त वृद्धि की जा रही है तथा लगातार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है, तब वे सभी भाजपाई आखिर कहां चले गए हैं जो कभी महंगाई के नाम पर आंदोलन खड़ा कर देते थे? क्या जनता की परेशानी केवल विपक्ष में रहते हुए दिखाई देती थी? क्या सत्ता में आने के बाद महंगाई जनता का नहीं, बल्कि सरकार का मुद्दा बन जाती है?
श्री सिंह ने केन्द्र की मोदी एवं उ0प्र0 की योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में भारी अंतर है। एक ओर विकास और जनकल्याण के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, दूसरी ओर महंगाई के माध्यम से आम नागरिकों की कमर तोड़ी जा रही है। रसोई गैस की कीमतों में यह वृद्धि उन करोड़ों परिवारों के लिए सीधा झटका है जो पहले ही बढ़ती महंगाई और घटती क्रयशक्ति से परेशान हैं। श्री सिंह ने मांग की कि रसोई गैस सिलेंडर पर बढ़ाए गए 29 रुपये तत्काल वापस लिए जाएं तथा महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता अब भाषण नहीं, राहत चाहती है और सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर कब तक देश की जनता महंगाई की मार सहती रहेगी।
