डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
हीट वेब/लू से बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो – डीएम
हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेलीः- जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने हीट वेव/लू से बचाव कार्य के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों द्वारा आगामी ग्रीष्म ऋतु की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित हीट वेव (लू) की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए हीट वेव से जन-धन हानि को न्यूनतम करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान को अद्यतन कर तत्काल प्रभाव से लागू करें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। नगर निकायों, पंचायतों तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वित बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार की जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक वार्ड/बेड आदि की व्यवस्था दुरूस्त किए जाए। पर्याप्त मात्रा में ओ0आर0एस0, दवाइयाँ, बर्फ, पेयजल तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वृद्धजन, बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गंभीर रोगियों के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। चिकित्सालय में आने वाले मरीजों के लिए पेयजल, बैठने का स्थान, पंखे/कूलर की व्यवस्था भी कराई जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सतर्क रखा जाए तथा चिकित्सा कर्मियों को हीट स्ट्रोक के उपचार हेतु प्रशिक्षित किया जाए। शिक्षा विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से हीट वेव से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा नागरिकों को जागरूक किया भी जाए। विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लू से बचाव संबंधी सलाह प्रदर्शित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, बाजार एवं भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। अस्थायी छायादार स्थल/शेड की व्यवस्था की जाए। जल संस्थान एवं जल निगम पेयजल आपूर्ति की निरंतर निगरानी करें। पशुपालन विभाग द्वारा सभी गो-आश्रय स्थलों में बिजली, पानी, सेड और हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। पशुओं का समय-समय पर चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया जाए। किसी भी प्रकार का संक्रमण पाए जाने पर तत्काल उपचार कराया जाए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसलों और पशुधन की सुरक्षा हेतु आवश्यक सलाह जारी करे। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रखा जाए। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। विद्यालयों का संचालन दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही कराया जाए। विद्युत विभाग द्वारा अनवरत बिजली सुनिश्चित कराई जाए। इस बात का ख्याल रखा जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त बिजली पहुंचती रहे। बिजली कटौती से संबंधित शिकायत आने पर तत्काल उसका निस्तारण करें। विद्युत पोलो और जीर्ण-शीर्ण तारों की मरम्मत समय रहते कर ली जाए। पर्यटन विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि सभी धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्र में साफ सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
अपर जिलाधिकारी स्तर पर हीट वेव की स्थिति की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं तथा जनपद के भीड़-भाड़ वाले चौराहों/स्थलों, अस्पतालों आदि स्थानों पर आवश्यकतानुसार निकायों एवं गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से प्याऊ की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही प्रातः 09ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक प्रतिदिन कोल्ड रूम/विश्राम स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन एवं तीमारदारों को राहत मिल सके। हीट वेब/लू से बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमृता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा सहित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारीगण तथा जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित पाण्डेय तथा आपदा लिपिक दीपेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
