कृषकों की सुविधा के लिए गेहूँ क्रय केन्द्रों पर “पहले आओ, पहले पाओं” व टोकन की व्यवस्था
हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेली:- जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत सीधे कृषकों से गेहूं क्रय करने हेतु शासन द्वारा निर्गत गेहूं क्रय नीति के शासनादेश व खाद्य तथा रसद अनुभाग-5 के प्रस्तर संख्या-11 (टोकन व्यवस्था) में दी गयी व्यवस्था के अनुपालन में क्रय केन्द्र पर कृषकों का गेहूँ क्रय “पहले आओ, पहले पाओं” के सिद्धांत पर किया जायेगा, परन्तु यदि किसी क्रय केन्द्र पर उसकी दैनिक खरीद क्षमता से अधिक किसान पहुंचते है, तो कृषकों को सुविधा के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की जायेगी।
उन्होंने कहा है कि गेहूँ क्रय केन्द्र पर यदि महिला/वृद्ध/विकलांग कृषक गेहूँ विक्रय हेतु उपस्थित होते है, तो उन्हें तौल में वरीयता दी जायेगी। छोटे व मध्यम किसानों को गेहूँ खरीद में प्राथमिकता प्रदान किया जाना योजना का मुख्य उद्देश्य है। लघु एवं सीमान्त कृषक तथा ऐसे किसान जिनकी उपज 60 कुन्तल या उससे कम है, उन्हें गेहूँ खरीद में प्राथमिकता प्रदान की जायेगी। उपर्युक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
