माइक्रो फाइलेरिया की जांच के लिए गए रक्त के नमूने

माइक्रो फाइलेरिया की जांच के लिए गए रक्त के नमूने

हर पल निगाहें ब्यूरो 

अमेठी-राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में  फ़ाइलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए प्री टास किया जा रहा है। जिसके तहत माइक्रो फाइलेरिया की दर मापने के लिए लोगों की रात में 10 बजे के बाद रक्त की जांच की जा रही है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को तिलोई ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर शंकरगंज से सम्बंधित मेडना गांव के पंचायत भवन पर पीएसपी (पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म) के सदस्यों के सहयोग से एनबीएस (नाइट ब्लड सर्वे) शिविर का आयोजन किया। शिविर का का शुभारम्भ पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफ़ॉर्म के सदस्य ब्लाक  प्रमुख कृष्ण कुमार सिंह, ग्राम प्रधान अपूर्वा, अजीत कुमार ग्राम रोजगार सेवक व पंचायत सहायक सबनम द्वारा स्वयं की रक्त की जांच कराकर किया।

ब्लाक प्रमुख ने कहा कि गांव के अधिक से अधिक जांच कराकर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लगाए गए इस शिविर को सफल बनाएं। स्वास्थ्य विभाग से आए रात में कार्य कर रहे स्वास्थ्यकार्मियों का सहयोग करें। जांच में पता चल जायेगा कि फ़ाइलेरिया है तो समय से इलाज शुरू हो जायेगा और बीमारी का रोग प्रबंधन किया जा सकेगा। यह सभी को मालूम होना चाहिए कि फ़ाइलेरिया का कोई इलाज नहीं है केवल इसका प्रबन्धन किया जा सकता है।

इस पूरी प्रक्रिया में अजीत सिंह ब्लॉक प्रमुख ग्राम रोजगार सेवक,  पंचायत सहायक द्वारा विशेष सहयोग किया गया। इसी क्रम में फुरसतगंज ब्लॉक के  आयुष्मान आरोग्य मंदिर निगोहा के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता रेनू द्विवेदी के घर पर पीएसपी सदस्य ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धनराज द्वारा स्वयं की जांच कराकर उदघाटन किया गया जिसमे फाइलेरिया रोगी केश कुमारी, देवमती, राजकुमारी, दुर्गेश कुमार, माया देवी द्वारा विशेष सहयोग किया गया।  प्रधान प्रतिनिधि धनराज द्वारा फाइलेरिया से बचने के उपाय,  साफ-सफाई की जानकारी व एनबीएस में जांच के लिए उपस्थिति लोंगो को प्रेरित किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जनपद में 20 से 30 जून तक एनबीएस चल रहा है। फ़ाइलेरिया की जांच रात में की जाती है। क्योंकि फ़ाइलेरिया के जीवाणु  दिन में फेफड़ों में छिपे होते हैं। रात में रक्त में सक्रिय होते हैं सक्रिय होते हैं। यह एनबीएस शिविर जिले के  सभी 11 ब्लाक पर चल रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में 2 सेंटिनल साइड और एक रेंडम साइड पर कल 300 स्लाइड बनाने का लक्ष्य है। प्री टास के तहत फ़ाइलेरिया के जो नए मरीज मिलेंगे उनका 13 दिन का इलाज किया जायेगा।  इस सर्वे में पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफोर्म के सदस्यों द्वारा विशेष सहयोग किया जा रहा है। इसके सदस्य लोगों को रात में रक्त की जाँच कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

इस सर्वे के माध्यम से फाइलेरिया के संक्रमण की स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। शिविर में 20 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की रात 10 बजे के बाद रक्त की जांच की जा रही है।

सर्वे दो प्रकार की साइट्स रैंडम और सेंटीनल पर किया जा रहा है और हर साइट से 300 ब्लड स्लाइड्स तैयार की जा रही हैं। यदि किसी साइट पर माइक्रोफाइलेरिया दर 1 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है, तो उस क्षेत्र में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। जहां दर 1 प्रतिशत से कम होगी, वहां अगला चरण में टास सर्वे  किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!