महिलाओं ने सीखा आधुनिक बकरी पालन, आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेली -ग्रामीण महिलाओं के सपनों को सशक्त बनाने की दिशा में विश्वास संस्थान द्वारा एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की गई। पशुधन विकास, ग्रामीण आजीविका एवं स्वावलम्बन कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु चार दिवसीय 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक जनपद रायबरेली के विकास खंड सताव की 21 महिला बकरी पालकों सहित कुल 25 प्रतिभागियों का शैक्षणिक भ्रमण पं. दीन दयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, दुवासु, मथुरा एवं केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मकदूम, मथुरा, मथुरा में कराया गया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव बिपिन बाजपेई एवं परियोजना निदेशक रेखा सिंह ने प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिलाओं की आंखों में आत्मविश्वास, चेहरे पर मुस्कान और मन में कुछ नया सीखने की ललक साफ दिखाई दे रही थी।
केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए डॉ ए. के. दीक्षित ने कहा कि यह भ्रमण केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के भविष्य को संवारने का अवसर है। उन्होंने महिलाओं को आधुनिक तकनीकों, नस्ल सुधार, वैज्ञानिक देखभाल एवं कृत्रिम गर्भाधान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
वहीं दुवासु, मथुरा में डॉ. मुकुल आनंद ने उन्नत बकरी प्रजातियों एवं उनसे होने वाले लाभों की जानकारी देते हुए महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस भ्रमण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं था, बल्कि महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी था। विशेषज्ञों ने बताया कि अच्छे नस्ल के बकरों की कमी के कारण कई बार बकरियां गर्भधारण नहीं कर पातीं, जिससे परिवार की आमदनी पर असर पड़ता है। कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीकें इस समस्या का स्थायी समाधान बन सकती हैं।
भ्रमण से लौटने के बाद अब ये महिलाएं अपनी बकरियों की बेहतर देखभाल, संतुलित आहार, सुरक्षित बाड़ा, समय पर टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच कर सकेंगी। साथ ही, पशु चिकित्सकों से सलाह लेकर पशुओं की मृत्यु दर कम कर सकेंगी और बकरियों की संख्या बढ़ाकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकेंगी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास कुमार, ओम प्रकाश गुप्ता, अमन कुमार यादव, हिमांशु वर्मा एवं विवेकानन्द अवस्थी सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह शैक्षणिक भ्रमण ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक मजबूत कदम है। विश्वास संस्थान की यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगी।
