जनपद में शुरू हुआ एचपीवी टीकाकरण

जनपद में शुरू हुआ एचपीवी टीकाकरण

हर पल निगाहें ब्यूरो 

लखनऊ-ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ मंगलवार को वीरांगना अवन्तीबाई जिला महिला चिकित्सालय में 14 वर्षीय किशोरी आराध्या को लगाकर हुआ |

अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है | देश में प्रति एक लाख महिलाओं में 14 से 15 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना होती है | टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है | वयस्कों की तुलना में किशोरावस्था में एचपीवी टीकाकरण से लंबे समय तक प्रतिरक्षा सुरक्षा मिलती है |  14 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को गार्डसिल की सिंगल डोज वैक्सीन लगाई जा रही है जो चार तरह के स्ट्रेन 06,11,16,18 पर काम करती है । इस आयु वर्ग में सिंगल डोज शिड्यूल पर्याप्त एवं इन्यूनोजेनिक पाया गया है |

एचपीवी टीकाकरण दीर्घकालिक कैंसर रणनीति का महत्वपूर्ण घटक है | जो सरकार के कैंसर रोकथाम कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण कदम है | इसे महिला स्वास्थ्य एवं सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए | एचपीवी का टीका केवल संक्रमण का उपचार ही नहीं करता बल्कि संक्रमण से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है | 

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ फरवरी माह के अंत में प्रधानमंत्री जी द्वारा राजस्थान  के अजमेर से हुआ था | जिले पर मंगलवार से शुरू हुआ है |

14 वर्ष की आयु तक की किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण साक्ष्य आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है | जिसका उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम करना है क्योंकि एचपीवी टीकाकरण से लगभग 90 फीसद तक सर्वाइकल कैंसर से बचाव संभव है | जनपद में यह जिला अस्पतालों  और सभी 19 सीएचसी पर लगेगा | अभी केवल अवन्तीबाई में लगना शुरू हुआ है | 

पहले तीन माह अभियान के दौरान, एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा, उसके बाद नियमित टीकाकरण के तहत बुधवार और शनिवार को होगा।

अभियान के तहत उन किशोरियों को पात्र माना जाएगा जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया हो, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो। अभियान का लक्ष्य जिले की लगभग 60 हजार  किशोरियों का टीकाकरण करना है, जो कुल जनसंख्या का एक प्रतिशत है। अभियान का लक्ष्य कुल जनसंख्या का एक प्रतिशत निर्धारित किया गया है।  टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है। टीकाकरण से पहले माता-पिता/अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। यू-विन पोर्टल पर अभिभावक स्वयं पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। यदि इंटरनेट उपलब्ध नहीं है तो लिखित सहमति ली जाएगी और बाद में पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। टीकाकरण के लिए आयु सत्यापन हेतु पहचान पत्र अनिवार्य है और टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। खाली पेट टीका नहीं लगाया जाएगा। टीकाकरण एएनएम/स्टाफ नर्स/लेडी हेल्थ विजिटर (एलएचवी) द्वारा किया जायेगा |

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान ने बताया कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है | टीके के कुछ हल्के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं जैसे इंजेक्शन की जगह पर थोड़ा दर्द, हल्का बुखार  या कमजोरी | जो थोड़ी देर बाद स्वतः ठीक हो जाते हैं | गंभीर प्रतिकूल प्रभाव अत्यंत दुर्लभ हैं | 

इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सक, डॉ विनय, विजय बाजपेई व  विभाग के समस्त स्टाफ सहयोगी संस्था यूएनडीपी और लाभार्थी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!