शिवगढ़ ब्लाक में 55 फीसद ने किया फ़ाइलेरियारोधी दवा का सेवन

शिवगढ़ ब्लाक में 55 फीसद ने किया फ़ाइलेरियारोधी दवा का सेवन

हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेली-राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के शिवगढ़ ब्लॉक में 10 फरवरी से संचालित सर्वजन दवा सेवन अभियान (आईडीए) में इस बार स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ फाइलेरिया से प्रभावित मरीज भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अभियान के शुरुआती दिनों में दवा सेवन को लेकर लोगों में झिझक एवं भय देखा गया, जिसके चलते कई परिवारों ने दवा खाने से इंकार कर दिया। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) एवं पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म (पीएसपी) के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान फाइलेरिया से पीड़ित मरीज अपनी आपबीती साझा कर लोगों को इस बीमारी की गंभीरता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
रीवा गांव निवासी और पीएसपी सदस्य 27 वर्षीय आकाश, जो स्वयं फाइलेरिया से प्रभावित हैं, अब तक दवा सेवन से इंकार करने वाले लगभग 100 लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें फाइलेरिया के कोई लक्षण नहीं हैं लेकिन चार महीने पहले नाइट ब्लड सर्वे के दौरान उसके खून की जाँच हुई तो पता चला कि उसके शरीर में फ़ाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं। मैंने फाइलेरिया रोधी दवा नहीं खाई थी तो मेरे शरीर में जीवाणु प्रवेश कर गया। मैं नहीं चाहता कि कोई और अज्ञानता या संकोच के कारण दवा न खाए और वह फाइलेरिया ग्रसित हो जाए। विशेषज्ञों ने बताया कि इस बीमारी के लक्षण पांच से 15 साल बाद आते हैं। तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। इसलिए मैं हर एक इनकार करने वाले व्यक्ति को दवा खाने के लिए प्रेरित करने में जुटा हूं।
अब तक शिवगढ़ ब्लॉक में दवा सेवन से इंकार करने वाले कुल 4,319 लोगों में से 2,631 लोग अर्थात 66 फीसद लोग समझाने के बाद दवा सेवन के लिए सहमत हो चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि अब तक 71,526 पात्र लाभार्थियों ने फाइलेरिया रोधी दवाओं—आइवरमेक्टिन, डाईइथाइल कार्बामाजीन एवं एल्बेंडाजोल —का सेवन कर लिया है, जबकि लक्षित जनसंख्या 1.23 लाख है। अभियान के सात कार्य दिवसों में लगभग 55 प्रतिशत पात्र आबादी तक दवा पहुंचाई जा चुकी है।
जिला मलेरिया अधिकारी रमेश यादव के अनुसार, शिवगढ़ ब्लॉक में संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए निरंतर जनजागरूकता एवं संवाद के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी का मानना है कि सामुदायिक सहभागिता एवं मरीजों की सक्रिय भागीदारी से ब्लाक और जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी।

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