सम्राट अशोक के विचार आज भी प्रासंगिक – शत्रोहन सोनकर
हर पल निगाहें ब्यूरो
रायबरेली-हमारा लक्ष्य एक कदम विकास की ओर, अंधेरी ठहराव से प्रकाश की ओर। उक्त पंक्तियों को बखूबी चरित्रार्थ कर रहे हैं पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर। श्री सोनकर आज गोरा बाजार चौराहे में भूमि पूजन करने के उपरान्त चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य को सम्मान देते हुए उनके नाम से सम्राट अशोक चौक की घोषणा किया। तदुपरान्त वरिष्ठ समाजसेवी के.के. मौर्या, सुशील मौर्या कोड़रस, राजकुमार मौर्या, शिव बहादुर मौर्य, रवि मौर्या, शिवनरायन मौर्य एडवोकेट, नीरज मौर्य, शैलेन्द्र मौर्य, नन्द लाल मौर्या सहित सैकड़ों की संख्या में लोगों ने मार्ल्यापण कर स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत पालिकाध्यक्ष ने कहा कि सम्राट अशोक के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। सम्राट अशोक, मौर्य वंश के सबसे महान शासकों में से एक थे। 261 ईसा पूर्व हुए कलिंग युद्ध की भयंकर विनाशलीला ने उनके हृदय को बदल दिया। युद्ध के बाद उन्होनें अहिंसा और बौद्ध धर्म को अपनाया तथा धम्म नीति का प्रचार किया। सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में धर्म, न्याय और कल्याणकारी नीतियों को लागू किया। उनके शिलालेख और स्तम्भ आज भी उनके प्रशासन और विचारधारा का प्रमाण है। ऐसे महान व्यक्तित्व के नाम से चौराहे के नामकरण करने पर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के सभासद परमजीत सिह गांधी, दीनदयाल निर्मल, आसिफ चाकलेट, वीरेन्द्र रावत, रामू चौरसिया आदि उपस्थित रहे।
